ट्रेडिंग इंडिकेटर्स (Indicators) क्या हैं और इन्हें कैसे इस्तेमाल करें? In hindi
ट्रेडिंग शुरू करते ही जब हम चार्ट देखते हैं, तो लाल-हरी कैंडल्स को समझना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसे में इंडिकेटर्स हमारे मददगार साबित होते हैं। ये हमें इशारा देते हैं कि मार्केट किस तरफ जा सकता है। 1. इंडिकेटर का असली काम क्या है? इंडिकेटर पिछले भाव और ट्रेडिंग को देख कर हमें एक सिग्नल देते हैं। इसे ऐसे समझो जैसे आपकी बाइक का मीटर आपको बताता है कि गाड़ी कितनी स्पीड में है या पेट्रोल कितना बचा है। वैसे ही, इंडिकेटर हमें मार्केट की रफ्तार और ट्रेंड बताते हैं। 2. टॉप 3 इंडिकेटर्स जो हर बिगिनर (Beginner) को पता होने चाहिए: • RSI (Relative Strength Index):यह बहुत काम का इंडिकेटर है। यह हमें बताता है कि मार्केट में बहुत ज्यादा खरीदारी हो गई है। • अगर यह 70 के ऊपर है, तो समझो मार्केट बहुत महंगा हो चुका है, यहाँ से गिर सकता है। • अगर यह 30 के नीचे है, तो समझो मार्केट काफी सस्ता हो गया है, यहाँ से ऊपर जा सकता है। • Moving Average (MA): यह इंडिकेटर मार्केट का एक एवरेज भाव बताता है। • अगर कैंडल्स इस लाइन के ऊपर चल रही हैं, तो मार्केट तेजी में है। • अगर कैंडल्स इस लाइन के नीचे हैं, तो मार्केट मंदी में है। • Volume (वॉल्यूम): यह चार्ट के नीचे डंडियों (Bars) की तरह दिखता है। यह बताता है कि मार्केट में कितने लोग एक्टिव हैं। अगर प्राइस बढ़ रहा है और वॉल्यूम भी बढ़ रहा है, तो समझो कि मार्केट में दम है। 3. सबसे बड़ी गलती: बहुत सारे इंडिकेटर लगाना. ट्रेडर्स अक्सर एक ही चार्ट पर 4-5 इंडिकेटर लगा लेते हैं जिससे सब गड़बड़ हो जाता है और कुछ समझ नहीं आता। याद रखें: 1. इंडिकेटर कभी भी 100% गारंटी नहीं देते। 2. ये हमेशा भाव (Price) के बाद चलते हैं। 3. इन्हें सिर्फ अपनी बात पक्की करने (Confirmation) के लिए इस्तेमाल करें। जरूरी सूचना मेरी ओर से :इंडिकेटर्स सिर्फ आपको रास्ता दिखाते हैं, लेकिन फैसला आपको खुद लेना है। ट्रेडिंग में सबसे पहले Price Action (सपोर्ट और रेजिस्टेंस) पर ध्यान दें और इंडिकेटर को सिर्फ एक एक्स्ट्रा मदद की तरह इस्तेमाल करें। मेरी लिखने की स्टाइल अच्छी लगी और पोस्ट अच्छी लगी हो तो कमेंट में जरूर बताए।💥

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