ट्रेडिंग में ऑपरेटर का जाल: Fake Breakout से कैसे बचें और लॉस को प्रॉफिट में कैसे बदलें?

आपमें से कितने लोगों के साथ ऐसा हुआ है कि जैसे ही आपने देखा कि मार्केट ने रेजिस्टेंस (Resistance) को तोड़ा और आपने 'Call' साइड की एंट्री ली, वैसे ही मार्केट अचानक से नीचे गिर गया? इसे ही कहते हैं Fake Breakout या आम भाषा में "ट्रैपिंग"। आज मैं आपको अपना वो सीक्रेट बताऊंगा जिससे आप इस धोखे को पहले ही पहचान लेंगे।

फेक ब्रेकआउट कैसे पहचाने

                                                                                                     1. आखिर क्यों होता है Fake Breakout? देखो भाइयों, मार्केट में बड़े खिलाड़ी (Operators) चाहते हैं कि आप और हम जैसे छोटे रिटेलर्स फंसें। जब मार्केट किसी लेवल को तोड़ता है, तो हम लालच में बिना सोचे-समझे कूद पड़ते हैं। ऑपरेटर वहां अपनी बड़ी सेल मारते हैं और हमारा स्टॉप लॉस (Stop Loss) हिट करवा देते हैं।                                                                                                                         2. धोखे को पहचानने के 3 पक्के तरीके: अगर आपको मार्केट में टिकना है, तो ये तीन नियम अपनी डायरी में लिख लो:                                                                                      वॉल्यूम का खेल (Volume): अगर कैंडल ने लाइन तोड़ी है, लेकिन नीचे वॉल्यूम वाली डंडी छोटी है, तो समझ जाओ कि दाल में कुछ काला है। असली ब्रेकआउट में वॉल्यूम हमेशा ज़्यादा होता है।                                                                                                                                             15 मिनट का नियम: भाई, 1 मिनट या 5 मिनट की कैंडल पर भरोसा करना बंद करो। कम से कम 15 मिनट की कैंडल को उस लाइन के ऊपर बंद (Close) होने दो। अगर कैंडल की सिर्फ 'पूंछ' ऊपर है और बॉडी नीचे, तो वो ब्रेकआउट नहीं, सिर्फ एक धोखा है।                                                                                                                                          री-टेस्ट (Retest) का इंतज़ार: सबसे समझदार ट्रेडर वही है जो ब्रेकआउट के बाद मार्केट के वापस उस लेवल पर आने का इंतज़ार करता है। जब मार्केट वापस आकर सपोर्ट ले और फिर ऊपर जाने लगे, तभी असली एंट्री बनती है।                                                                                                              3. मेरी पर्सनल टिप : मैं हमेशा कहता हूँ— "जल्दी में कूदो मत, और देर में पछताओ मत।" अगर आपसे कोई मूव छूट गया है, तो उसे जाने दो। गलत ट्रेड में घुसकर पैसा गंवाने से अच्छा है कि आज ट्रेड ही न लिया जाए। याद रखना, अपना 100 रुपये का रिस्क मैनेज करना ही सबसे बड़ी बात है।                                                                                      चेतावनी: दोस्तों, ट्रेडिंग जुआ नहीं है, यह दिमाग का खेल है। फेक ब्रेकआउट से बचना सीख गए, तो आपका आधा लॉस तो वैसे ही कम हो जाएगा। अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी, तो कमेंट में ज़रूर बताना कि आपके साथ कितनी बार ऐसा धोखा हुआ है?

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